लखनऊ , नवम्बर 17 -- उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लंबित भवन परियोजनाओं के कारणों का पता लगाकर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इसके लिए उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग, अपर मुख्य सचिवों और संबंधित अधिकारियों को विश्वविद्यालयों का भ्रमण कर समस्याओं के समाधान निकालने की बात कही है। सोमवार को राज्यपाल की अध्यक्षता में राजभवन में विभिन्न राज्य विश्वविद्यालयों में निर्माणाधीन एवं लंबित भवन परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा हेतु एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रत्येक परियोजना की प्रारंभिक तिथि, निर्धारित पूर्णता समय, लागत, लंबित अवधि और संभावित पूर्णता अवधि पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके साथ ही भारत सरकार की केंद्र प्रायोजित योजना पीएम उषा के अंतर्गत राज्य विश्वविद्यालयों को प्राप्त धनराशि और उससे जुड़े निर्माण कार्यों की स्थिति का भी विस्तारपूर्वक मूल्यांकन किया गया। बैठक हाइब्रिड मोड में आयोजित हुई।
राज्यपाल ने समीक्षा के दौरान निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय, कार्यदायी संस्थाएँ, पीएम उषा के अधिकारी एवं संबंधित विभाग नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करें और निर्माण कार्यों में आ रही समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण, समयसीमा में पूर्ण, तथा उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग राजभवन, कुलाधिपति कार्यालय और विभागीय अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से की जानी चाहिए।
उन्होंने भवनों की डिजाइन, टेंडर प्रक्रिया और निर्माण के हर चरण की गहन समीक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सभी भवन उपयोगकर्ताओं विशेषकर विद्यार्थियों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन तैयार की जाए। पुराने और जर्जर भवनों के निरीक्षण, उपयोगिता आधारित पुन: उपयोग तथा जहाँ आवश्यक हो वहीं केवल नए भवन के निर्माण पर बल दिया गया।
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