हैदराबाद , दिसंबर 07 -- तेलंगाना राज्य के राजस्व, आवास, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा है कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में तेलंगाना विकास और कल्याण दोनों क्षेत्रों में पूरे देश के लिए एक मॉडल बनकर उभरा है।

उन्होंने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार ने चुनाव के दौरान किए हर वादे को पूरा किया है और किसी भी वर्ग को नजरअंदाज किए बिना प्रगति और जनकल्याण को समान महत्व दिया है। श्री रेड्डी ने कहा कि सरकार के दो साल के शासन को जनता का भारी समर्थन मिला है, जो कैंटोनमेंट उपचुनाव और जुबली हिल्स उपचुनाव के नतीजों में साफ झलकता है। सरकार जैसे-जैसे अपने तीसरे साल में प्रवेश कर रही है, सिर्फ दो साल में हासिल उपलब्धियां बेहद उल्लेखनीय हैं, खासकर जब पिछले प्रशासन से विरासत में मिली वित्तीय संकट की स्थिति को देखा जाए।

उन्होंने कहा, "दस साल में उन्होंने एक समृद्ध राज्य को दिवालिया बना दिया था। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में हमने तेलंगाना को फिर से एक कल्याणकारी राज्य के रूप में विकास के पथ पर ला खड़ा किया है।"मंत्री ने बताया कि कांग्रेस सरकार को प्रशासनिक अराजकता विरासत में मिली थी, लेकिन अब लोकतांत्रिक शासन बहाल कर दिया गया है। पहले कल्पना से परे समझे जाने वाले विकास और कल्याणकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक तैयार और लागू किया गया है।

उन्होंने 'सन्ना बिय्यम' और 'इंदिरा इंद्लू' जैसी योजनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि ये कार्यक्रम अब देश के बाकी राज्यों के लिए मार्गदर्शक मॉडल बन गए हैं। किसी भी क्षेत्र या समूह को पीछे छोड़े बिना, विकास और कल्याण के दो पहियों पर प्रगति का रथ आगे बढ़ रहा है। मंत्री ने बताया कि सत्ता में आने के तुरंत बाद सरकार ने छह गारंटियों को लागू करना शुरू कर दिया था। इनमें से चार पूरी तरह लागू हो चुकी हैं, जबकि बाकी दो को वित्तीय बाधाओं के कारण आंशिक रूप से शुरू किया गया है। सरकार इन शेष वादों को भी पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इन गारंटियों से इतर भी पिछले दो साल में कई ऐसी कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गईं जिनका चुनाव के समय जिक्र तक नहीं था।

श्री रेड्डी ने कहा कि कृषि और उद्योग दोनों क्षेत्रों में तेलंगाना तेजी से प्रगति कर रहा है और अब आर्थिक वृद्धि में देश का अग्रणी राज्य बन गया है। सरकार 'तेलंगाना राइजिंग-2047 विजन' के साथ आगे बढ़ रही है ताकि राज्य राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नेतृत्वकारी बन सके। लक्ष्य है कि 2035 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार दोहरी रणनीति पर चल रही है -एक तरफ वैश्विक महानगरों से मुकाबला करने वाले विकास लक्ष्य, दूसरी तरफ सबसे गरीब तबके तक कल्याणकारी लाभ पहुंचाना औ सिर्फ दो साल में हमने पारदर्शिता, आधुनिक शासन और समावेशी विकास के मानकों को नया लिखकर तेलंगाना को देश के लिए रोल मॉडल बना दिया है।

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