नयी दिल्ली , जनवरी 05 -- भारतीय रेलवे ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तीन तिमाहियों में अपने लिए निर्धारित कुल पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) के 80 प्रतिशत से अधिक की राशि का उपयोग कर लिया है और यह उपलब्धि रेलवे के पूंजीगत कार्यों के निष्पादन की अच्छी गति को दर्शाती है।
रेल मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारतीय रेल देशभर में किफायती, सुरक्षित, तेज और विश्वस्तरीय रेल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अपने बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के प्रयास में निरंतर जोश-शोर से लगी है। इन रुझानों से संकेत मिलता है कि रेल मंत्रालय की जीबीएस व्यय योजना सही दिशा में आगे बढ़ रही है और वित्त वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों को समय पर पूरा किए जाने की पूरी संभावना है।
मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 के अंत तक रेलवे ने पूंजीगत खर्च के लिए कुल 2,52,200 करोड़ रुपये के सकल बजटीय समर्थन (जीबीएस) में से 2,03,138 करोड़ रुपये खर्च किये थे । यह कुल पूंजीगत आवंटन का 80.54 प्रतिशत है और अप्रैल- दिसंबर 2024 की अवधि तुलना में जीबीएस उपयोग में 6.54 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
मंत्रालय ने कहा है कि इस व्यय का बड़ा हिस्सा सुरक्षा उपायों, क्षमता वृद्धि, बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं पर केंद्रित रहा है।
सुरक्षा से जुड़े कार्यों में रेलवे ने उल्लेखनीय प्रगति की है, जहां आवंटित पूंजीगत बजट का लगभग 84 प्रतिशत उपयोग किया जा चुका है। वहीं क्षमता संवर्धन के लिए निर्धारित 1,09,238 करोड़ रुपये में से 76,048 करोड़ रुपये, यानी करीब 69 प्रतिशत खर्च किये जा चुके हैं। यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में भी तेजी देखने को मिली है। इस मद में दिसंबर 2025 तक 9,575 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जो लगभग 80 प्रतिशत उपयोग को दर्शाता है।
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