नयी दिल्ली/चमोली , दिसंबर 31 -- भारतीय रेलवे ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड के चमोली जिले में संचालित 'विष्णुगढ़ पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना' सुरंग निर्माण में हुए ट्रेन हादसे से उसका कोई संबंध नहीं है।

रेलवे ने बुधवार को यहां जारी एक विज्ञप्ति में जानकारी देते हुए कहा है कि यह घटना स्थानीय स्तर पर माल परिवहन प्रबंधन में प्रयोग की जा रही ट्रॉली से सम्बंधित है। इसका भारतीय रेलवे से कोई सम्बन्ध नहीं है। दुर्घटनाग्रस्त लोकोमोटिव भारतीय रेलवे के नेटवर्क का हिस्सा नहीं हैं। यह सुरंग के भीतर परिवहन के लिए की गई एक स्थानीय ट्रॉली व्यवस्था थी, जिसका रेलवे की मुख्य परिचालन प्रणाली से कोई लेना-देना नहीं है।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टीएचडीसी जल विद्युत परियोजना की टीवीएम साइट पर मंगलवार रात लगभग साढ़े नौ बजे शिफ्ट परिवर्तन के समय एक हादसा हुआ। आरंभिक जानकारी के अनुसार सुरंग के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो ट्रॉलियों की आपस में टक्कर हो गई।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि इन ट्रॉलियों में 100 से अधिक श्रमिक सवार थे। इनमें लगभग 60 घायल होने की सूचना है। जिसमें 42 घायल मजदूरों का उपचार जिला अस्पताल गोपेश्वर में तथा 17 घायल मजदूरों का उपचार विवेकानंद अस्पताल पीपलकोटी में किया जा रहा है। अन्य की स्थिति सामान्य है। सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

श्री कुमार ने बताया कि हादसे में नौ श्रमिक गंभीर रूप से घायल हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसे में घायल हुए अधिकांश श्रमिक जम्मू कश्मीर, ओडिशा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से हैं।

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