औरंगाबाद , दिसंबर 09 -- बिहार में औरंगाबाद जिले की पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने करीब 3.5 करोड़ रुपये मूल्य के रेलवे के ट्रांसफार्मर और कॉपर वायर चोरी करने वाले अंतराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर इस गिरोह के 15 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) संजय कुमार पांडे ने आज यहां संवादाता सम्मेलन में बताया कि बारुण पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई से टार्जन रमेश गिरोह का उद्भेदन हुआ है। उन्होंने बताया कि 23 अगस्त को बारूण थाना क्षेत्र के सोननगर टीएसएस में ट्रांसफार्मर से तेल, साइट प्लेट के नट और कई मूल्यवान पुर्जों की चोरी की गई थी, जिसकी कीमत लगभग 3.5 करोड़ रुपये थी। इस मामले में एमएस ब्लू स्टार कंपनी के एचआर अभिजीत जीवन इंगले ने आवेदन देकर पुलिस को सूचना दी थी।

श्री पांडे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। उन्होंने बताया कि जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और सूचना के आधार पर आठ दिसंबर को रमेश चौधरी को पिकअप वाहन में लदे कॉपर वायर के साथ सोननगर स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर सोननगर भवेर के पास स्कॉर्पियो और केशवपुर के पास बोलेरो वाहन से 14 अन्य अपराधियों को पकड़ा गया।

एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों के पास से 12 क्विंटल कॉपर तार, एक स्कॉर्पियो, एक बोलेरो, एक पिकअप वाहन, पांच एंड्रॉयड मोबाइल और तीन कीपैड मोबाइल फोन बरामद किया गया है। गिरफ्तार सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान टार्जन चौधरी, विश्वजीत चौधरी , दिनेश चौधरी , राजेश चौधरी , सूरज गुप्ता , तपस चौधरी , अमन कुमार , ललन चौधरी , मो. आलम मियां , राजन चौधरी , दिनेश चौधरी , अनिल सिंह , जितेंद्र झा एवं जिउत चौधरी के रूप में की गयी है।

श्री पांडे ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों के पास से 12 क्विंटल कॉपर तार, एक स्कॉर्पियो, एक बोलेरो, एक पिकअप वाहन, पांच मोबाइल फोन और तीन मोबाइल फोन बरामद किया गया है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया है। पूछताछ में मुख्य आरोपी रमेश चौधरी ने बताया कि रेलवे क्षेत्र में लगे नए ट्रांसफार्मर से कॉपर तार काटकर चोरी करने के लिए गिरोह बनाया गया था, जिसका नाम टार्जन रमेश गैंग रखा गया। चोरी किया गया तांबा पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिला स्थित ज्योति नगर में कबाड़ दुकान में बेचा जाता था। चोरी का पैसा आपस में बांट लिया जाता था।

श्री पांडे ने बताया कि इस गिरोह ने बिहार, झारखंड, समस्तीपुर, सकड़ी, पंडौल तथा आसपास के क्षेत्रों में भी कई घटनाओं को अंजाम दिया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

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