बैतूल , मार्च 02 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में बैतूल-नागपुर रेलखंड पर तीसरी लाइन निर्माण के दौरान की गई खुदाई से पुराने रेलवे ट्रैक के समीप मिट्टी धंसने का मामला सामने आया है। इससे ट्रैक की स्थिरता प्रभावित होने और संभावित दुर्घटना का खतरा उत्पन्न हो गया था। मामला उजागर होने के बाद रेलवे प्रशासन, इंजीनियरिंग विभाग और संबंधित ठेकेदार ने स्थिति को सुधारने के लिए मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है।

जानकारी के अनुसार बैतूल से नागपुर के बीच लगभग 650 करोड़ रुपये की लागत से तीसरी रेल लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है। इस परियोजना के तहत ट्रैक के किनारे बड़े पैमाने पर खुदाई की गई थी, जिसके कारण पुराने ट्रैक के पास की मिट्टी कमजोर होकर धंस गई। इससे ट्रैक के नीचे की सतह अस्थिर हो गई और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई।

रविवार से रेलवे के इंजीनियरिंग अमले और ठेकेदार द्वारा प्रभावित स्थान पर मिट्टी का भराव और ट्रैक को अतिरिक्त सपोर्ट देने का कार्य शुरू किया गया। मौके पर आवश्यक सामग्री और मशीनरी की सहायता से धंसी हुई जगह को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि ट्रैक की स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

रेलवे के नागपुर मंडल के जनसंपर्क अधिकारी यश जनबंधु ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बैतूल के संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि धंसी हुई मिट्टी वाले हिस्से पर मजबूती के साथ भराव और सपोर्ट देने का कार्य जारी है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार मरम्मत कार्य पूर्ण होने के बाद ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी निरीक्षण भी किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित