, March 17 -- झारखंड मुक्ति मोर्चा के विजय कुमार हंसदा ने अपने क्षेत्र के लिए कुछ ट्रेनों का ठहराव देने तथा रांची के लिए ट्रेन चलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकल ट्रेनें और उनके स्टॉप कोविड के समय बंद किये गये थे और उनको बहाल किया जाना चाहिए।

शिव सेना के श्रीकांत शिंदे ने रेल सेवा में आये सुधार के लिए सरकार का आभार जताया और कहा कि रेलवे नागरिकों की आजीविका का सहारा है और इसके जरिए बड़ी संख्या में लोग अपने कार्य क्षेत्रों में पहुंचते हैं। उनका कहना था कि उन्हें इस बात की खुशी है कि कल्याण में सरकार ने रेलवे में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लोगों को महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई है। उन्होंने गांधी जी के रेलवे के तीसरे दर्जे के सफर की दुर्दशा पर 2016 में लिखे एक लेख का जिक्र किया और आश्चर्य जताया कि वह स्थिति 2014 तक बनी रही लेकिन उसके बाद हमारे रेलवे में जो बदलाव आया है वह देश के विकास का प्रतीक है। उनका कहना था कि महाराष्ट्र में 23 हजार करोड़ रुपए का काम रेलवे में हो रहा है और सिर्फ कल्याण में ही 800 करोड़ रुपए का काम चल रहा है।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल ने कहा कि सरकार रेलवे में सुधार के बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन सच यह है कि गरीब का रेल सफर आज भी नहीं सुधरा है। उन्होंने हाल के वर्षों में हुई कुछ रेल दुर्घटनाओं का जिक्र किया और कहा कि सरकार को रेल सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। रेलवे में रिक्त पड़े पदों पर भर्ती कराने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें आरक्षित वर्ग के कितने लोगों को नौकरी मिलेगी इसका विवरण सरकार को देना चाहिए।

भारत आदिवासी पार्टी के राज कुमार रोत ने कहा कि डुंगरपुर बांसवाड़ा रेल लाइन 2013 में स्वीकृत हुई थी लेकिन अब तक इस पर काम नहीं हुआ है। उनका कहना था कि बांसवाड़ा एक मात्र जिला है जहां अब तक रेल नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि आदिवासी इलाका है और वहां रेल लाइन बिछाने पर आदिवासियों को मुआवजा नहीं मिलता है इसलिए नियमानुसार मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि डुंगरपुर रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग लंबे समय से चल रही है उसे पूरा करने और डुंगरपुर से दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा शुरु करने की उन्होंने मांग की।

समाजवादी पार्टी की कृष्ण देवी शिवशंकर पटेल ने बांदा के लिए वंदेभारत रेल गाड़ी चलाने की मांग की और एक्सप्रेस ट्रेन से उनके क्षेत्र को जोड़ने की मांग की। भाजपा के खगेन मुर्मु ने कहा कि रेलवे में जो काम हो रहा है वह मोदी सरकार के सबके साथ, सबके विश्वास, सबके विकास का सही स्वरूप है और इस सिद्धांत के तहत रेलवे में महत्वपूर्ण काम हो रहा है। उनका कहना था कि रेलवे के जरिए गरीब इलाकों को जोड़ा जा रहा है और इस वजह से बड़े स्तर पर बदलाव हो रहा है।

कांग्रेस की आर. सुधा ने कहा कि उनके क्षेत्र की रेलवे से कई मांगे हैं। इसमें कुडकई परियोजनाएं हैं, इस बारे में उन्होंने रेल मंत्री से मिलकर उन्हें जानकारी दी है और उन्हें विश्वास है कि रेल मंत्री उनके क्षेत्र की समस्याओं पर ध्यान देंगे और उनकी मांगों को पूरा करेंगे। उनका कहना था कि तमिलनाडु में एक हजार से अधिक लंबा तटवर्ती क्षेत्र है और उनकी मांग है कि तटवर्ती क्षेत्रों के लिए अलग से रेल लाइन बिछाई जानी चाहिए ताकि तटीय क्षेत्रों का विकास हो सके।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के बाल्या मामा सुरेश गोपीनाथ म्हात्रे ने कहा कि दिल्ली तथा अन्य लंबी दूरी को जोड़ने वाली ट्रेनों का भिवंडी में स्टाप दिया जाना चाहिए। जदयू की लवली आनंद ने शिवहर में रेलवे लाइन नहीं होने की बात कही और कहा कि इस क्षेत्र में लंबे समय से रेल लाइन की मांग की जा रही है उसे पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने इलाके के कुछ स्टेशनों पर लंबी दूरी की रेलें रोकने की मांग की।

भाजपा के रमेश अवस्थी ने कहा कि भारत दुनिया में ग्रीन रेलवे बनने की राह पर अग्रसर है। वंदे भारत जैसी सेमी इंजीनियरिंग रेल के कारण दुनिया में भारत की साख में भारी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में कानपुर सेंट्रल का कायाकल्प हुआ है इसलिए कानपुर से मुंबई, सूरत आदि इलाकों के लिए वंदे भारत ट्रेन चलाने की मांग की।

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