जयपुर , अक्टूबर 27 -- राजस्थान में दौसा में विशिष्ट केंद्रीय कारागृह श्यालावास में राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर की तैयारियों के तहत बंदियों ने देश के लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की मिट्टी से बनी एक भव्य और सजीव प्रतिमा तैयार की है।
जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने सोमवार को बताया कि यह कलाकृति पूरी तरह से जेल परिसर की प्राकृतिक मिट्टी और रंगों का उपयोग करके बनायी गयी है, जो कला के माध्यम से सुधार की दिशा में एक प्रेरक प्रयास है। उन्होंने बताया कि इस पहल के माध्यम से बंदियों में सकारात्मकता और राष्ट्रीय भावना का संचार किया जा रहा है।
श्री जांगिड़ ने बताया कि इस अनूठी कलाकृति को बंदी राजेश मूर्तिकार ने अपने हुनर और अथक परिश्रम से गढ़ा है, जिसमें बंदी संदीप गुप्ता ने सहयोगी की भूमिका निभायी। मिट्टी से बने सरदार पटेल के इस चित्र में उनके दृढ़ व्यक्तित्व और राष्ट्रीय एकता के भाव को अत्यंत कुशलता के साथ दर्शाया गया है।
जेलर विकास बागोरिया ने बताया कि राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में जेल परिसर में कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किये जायेंगे। इन कार्यक्रमों में देश की एकता के लिए शपथ ग्रहण, देशभक्ति भरा नुक्कड़ नाटक, सरदार पटेल पर आधारित प्रश्नोत्तरी एवं भाषण प्रतियोगिता और एक विशेष एकता परेड शामिल है, जिसका उद्देश्य बंदियों को राष्ट्रीय मूल्यों और एकता के महत्व से जोड़ना है।
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