नयी दिल्ली , मार्च 19 -- वर्ष 2026 के बजट को हर वर्ग की जरूरतों और अपेक्षाओं के अनुसार तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को यहाँ गिग वर्कर्स, किसानों, ग्रामीणों के साथ अलग-अलग बैठकें कर व्यापक संवाद किया।

श्रीमती गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों से बातचीत कर भरोसा दिलाया कि उनके सुझावों को आगामी बजट में प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा बजट बनाना है, जो हर वर्ग की जरूरतों और उम्मीदों को पूरा करे। जनभागीदारी ही विकसित दिल्ली की सबसे बड़ी ताकत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से लेकर समाधान के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। बजट 2026 में किसानों व ग्रामीण विकास को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों की समृद्धि के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सर्किल रेट पर पिछले छह महीनों से अध्ययन चल रहा है और जल्द निर्णय लिया जाएगा, जबकि मास्टर प्लान पर भी काम जारी है।

उन्होंने कहा कि करीब एक साल में सरकार ने समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं सुधारने के लिए बड़े स्तर पर काम शुरू किया गया है, जिसके लिए बजट भी बढ़ाया गया है। ट्रैक्टर लोन, किसान क्रेडिट कार्ड और चकबंदी जैसे मुद्दों पर काम जारी है, साथ ही केंद्र की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है। गांवों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर शहरी-ग्रामीण अंतर कम करने, हर नागरिक तक सुविधाएं पहुंचाने और लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर जोर है।

उन्होंने कहा कि सरकार लगातार सभी वर्गों से संवाद कर रही है और उनके सुझावों के आधार पर संतुलित, समावेशी और विकासोन्मुख बजट तैयार किया जाएगा, जिसकी झलक बजट 2026 में साफ दिखाई देगी। उन्होंने कहा कि बदलती अर्थव्यवस्था में गिग वर्कर्स एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और उनके अधिकारों एवं सुरक्षा को सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। गिग वर्कर्स की जो भी समस्याएं हैं, सरकार उन पर ध्यान देगी। मुख्यमंत्री के अनुसार गिग वर्कर्स अब एक जरूरत बन गए हैं, इसलिए उन्हें भी पर्याप्त सुविधाएं मिलनी चाहिएं।

दिल्ली के श्रम और विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि पहले की सरकारों में किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों की अनदेखी हुई, लेकिन श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में गांव, गरीब और किसान के लिए बड़े स्तर पर काम हो रहे हैं। बजट से पहले हर वर्ग से सीधा संवाद भी इसी दिशा में अहम कदम है। उन्होंने बताया कि 'विकसित दिल्ली' के लक्ष्य के तहत दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड और ग्रामोदय अभियान के जरिए 13 जिलों के 366 गांवों में विकास कार्य हो रहे हैं, जिससे उनकी तस्वीर बदल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 2000 करोड़ रुपये के विकास कार्य भी किए जा रहे हैं।

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