अलवर , नवम्बर 13 -- रूस में लापता हुए छात्र अजीत चौधरी का शव अब तक स्वदेश नहीं लाये जाने से राजस्थान में अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के कफनवाड़ा गांव का माहौल ग़म और ग़ुस्से से भरा हुआ है। लक्ष्मणगढ़ के सभी बाजार बंद हैं और स्थानीय लोगों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।

परिजनों ने कहा है कि बार-बार मिलने और आश्वासन देने के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से शव भारत लाने की ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

मृतक के परिजन भोम सिंह चौधरी ने कहा, " हम कई बार केंद्रीय मंत्री से मिल चुके हैं। वह हर बार कहते हैं कि कल शव आ जाएगा, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला। अब हमें सरकार पर भरोसा नहीं रहा। "परिजनों ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही इस मामले में पूरी तरह नाकाम साबित हुई हैं। लोगों के ग़ुस्से का आलम यह है कि लक्ष्मणगढ़ कस्बे के सभी व्यापारियों ने आज पूर्ण रूप से बाजार बंद रखकर सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक अजीत का शव भारत नहीं लाया जाता और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

स्थानीय ग्रामीणों ने मांग की है कि केंद्र सरकार तत्काल दूतावास स्तर पर हस्तक्षेप करे और शव जल्द से जल्द भारत लाने की व्यवस्था करे। प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।

उल्लेखनीय है कि अजीत चौधरी पुत्र रूप सिंह चौधरी रूस के ऊफा शहर में बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस कर रहा था। वह तृतीय वर्ष का छात्रा था। कॉलेज परिसर से कुछ ही किलोमीटर दूरी पर नदी बहती है। इसमें अक्टूबर में पानी भी उफान पर था। उन्नीस अक्टूबर को अजीत लापता हो गया। 20 अक्टूबर को नदी के किनारे उसके कपड़े मिले थे। आठ दिन पहले ही अजीत का शव मिला था, लेकिन तब से शव वहीं है।

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