मॉस्को , अप्रैल 13 -- रूस ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि इससे वैश्विक बाजारों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित करती रहेगी और इसके आर्थिक परिणाम दीर्घकालिक हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति अब भी अस्थिर है और संकट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
श्री पेस्कोव ने बताया कि ईरान के यूरेनियम को अपने पास रखने के रूस के प्रस्ताव अब भी जारी हैं और मॉस्को इस दिशा में सहयोग के लिए तैयार है।
इसके अलावा, मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि रूस, ईरान को अमेरिकी सेना की तैनाती से जुड़ी खुफिया जानकारी देने के साथ-साथ यूक्रेन में अपने संघर्ष से हासिल की गई ड्रोन से जुड़ी उन्नत रणनीतियां भी साझा कर रहा है। इन दावों की आधिकारिक तौर पर अभी तक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ये दावे पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सामने आए हैं। इस बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने क्षेत्रीय नेताओं से बातचीत कर कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं पर जोर दिया है।
राष्ट्रपति के सहयोगी निकोलाई पत्रुशेव ने नाटो पर "सी शील्ड 2026" अभ्यास के जरिए काला सागर क्षेत्र में सैन्य ढांचे का विस्तार करने का आरोप लगाया है।
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