बुडापेस्ट , मार्च 09 -- हंगरी के विदेश मंत्री पीटर सिज्जार्तो ने यूरोपीय संघ (ईयू) से रूस से ऊर्जा आयात पर लगाए गये प्रतिबंध को हटाने की मांग की है और चेतावनी दी है कि पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव के कारण यूरोप में ऊर्जा की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।

श्री सिज्जार्तो ने कहा कि यूरोपीय संघ को रूसी तेल और गैस आयात पर लगे प्रतिबंध को तुरंत हटाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी एशिया में युद्ध की स्थिति बिगड़ने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा खतरे में पड़ गया है।

उन्होंने कहा कि यूरोप विशेष रूप से संवेदनशील स्थिति में है क्योंकि यूरोपीय संघ पहले ही रूसी ऊर्जा आयात पर प्रतिबंध लगा चुका है। अब पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति और सख्त हो गयी है, जिससे कीमतों में तेज वृद्धि का खतरा बढ़ गया है।

श्री सिज्जार्तो ने चेतावनी दी कि यदि प्रतिबंध जारी रहते हैं तो इससे यूरोपीय नागरिकों और यूरोपीय अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता यूरोपीय लोगों के हितों की रक्षा होनी चाहिए, न कि वैचारिक नीतियों की। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण यूरोप में तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

इस बीच हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान ने बताया कि उन्होंने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन को पत्र लिखकर रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर लगाए गए प्रतिबंधों की समीक्षा करने का आग्रह किया है।

श्री ओर्बान ने कहा कि रूस के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े सभी प्रतिबंधों की समीक्षा कर उन्हें पूरे यूरोप से हटाया जाना चाहिए।

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