मॉस्को , जनवरी 28 -- रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (यूएसी, जो रोस्टेक स्टेट कॉर्पोरेशन का हिस्सा है) और भारतीय सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने बुधवार को एसजे-100 विमान के उत्पादन के लाइसेंस को लेकर मिलकर काम करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया।
रूसी न्यूज एजेंसी स्पूतनिक की रिपोर्ट के अनुसार यह समझौता भारत में सुपरजेट्स के उत्पादन के लाइसेंस की परियोजना पर एचएएल और यूएसी के बीच आगे के सहयोग का आधार बनेगा।
यूएसी के प्रवक्ता ने कहा, "यह दस्तावेज एक समझौते को औपचारिक रूप देता है कि एचएएल , यूएसी को भारत में सुपरजेट टाइप सर्टिफिकेशन प्राप्त करने और उसकीमान्य कराने की प्रक्रिया में मदद करेगा। एचएएल को एसजे-100 के निर्माण और बिक्री का लाइसेंस दिया जाएगा, जिसमें इस विमान की मरम्मत और रखरखाव के लिए ज़रूरी इसके कंपोनेंट्स, पार्ट्स और एक्सेसरीज़ शामिल हैं।"इस बीच यूएसी कंसल्टिंग, डिज़ाइन सेवा और विशेषज्ञों को लाकर एसजे-100 के लिए एचएएल को अपनी उत्पादन इकाई को संगठित और पुनर्सज्जित (पुनर्निर्मित करना) करने में मदद करेगा।
यूएसी ने कहा, "इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर करना एक समान्य समझौता को पूरा करने की दिशा में एक ज़रूरी कदम है, जो रोडमैप, समय-सीमा , वित्तीय संकेतक और पार्टियों के संबंधित काम के प्रयासों का विस्तृत में वितरण तय करता है।" उन्होंने कहा कि एसजे-100 एक शॉर्ट-हॉल नैरो-बॉडी एयरक्राफ्ट है जिसे इम्पोर्टेड सिस्टम और कंपोनेंट्स को बदलने के लिए एक प्रोग्राम के तहत डेवलप किया जा रहा है। यह एयरलाइनर अभी संचालित हो रहे सुपरजेट-टाइप एयरक्राफ्ट की फैमिली में एक और मॉडल बन जाएगा। एसजे एयरक्राफ्ट ने 17 मार्च, 2025 को कोम्सोमोल्स्क-ऑन-अमूर शहर में रूसी पीडी-8 इंजन के साथ अपनी पहली उड़ान भरी। सिलसिलेवार आपूर्ति की शुरुआत 2026 के लिए निर्धारित है।
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