श्रीनगर , नवबंर 17 -- उत्तराखंड में राजकीय मेडिकल कॉलेज गढ़वाल में मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करने, प्रसव सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और स्वास्थ्य कर्मियों के कौशल को निखारने के उद्देश्य से स्किल बर्थ अटेंडेंट (एसबीए) प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में रुद्रप्रयाग से सोमवार को चार नर्सिंग अधिकारियों ने 21 दिवसीय पहले बैच का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया।

प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने उन्हें प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। समापन अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि एसबीए प्रशिक्षण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण निवेश है। इस प्रशिक्षण से नर्सिंग अधिकारियों की प्रसव प्रबंधन क्षमता, जोखिम पहचान, जटिल स्थितियों को तत्काल संभालने की योग्यता तथा सुरक्षित डिलीवरी प्रदान करने का कौशल मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि जब स्तर पर स्वास्थ्य कर्मी दक्ष बनते हैं, तभी मातृ मृत्यु दर और नवजात मृत्यु दर में वास्तविक कमी लाई जा सकती है। मेडिकल कॉलेज का उद्देश्य है कि जिले और पर्वतीय क्षेत्रों की सभी गर्भवती महिलाओं को उच्चमानक की सुरक्षित और सम्मानजनक प्रसव सेवाएं मिले।

प्रशिक्षण देने वाले विशेषज्ञों में डॉ. नवज्योति बोरा, डॉ. नेहा (प्रसूति एवं स्त्री रोग) ने प्रसव संबंधी जटिल स्थितियों, एएनसी/पीएनसी प्रबंधन पर विस्तृत प्रशिक्षण, डॉ. सी.एम. शर्मा, डॉ. अंकिता गिरी (पीडियाट्रिक्स) ने नवजात पुनर्जीवन व शिशु देखभाल, डॉ. विनीता रावत (माइक्रोबायोलॉजी) ने संक्रमण नियंत्रण, स्टेरिलाइजेशन और सुरक्षा मानक, डॉ. सुरेन्द्र सिंह (कम्युनिटी मेडिसिन) ने सामुदायिक स्तर पर मातृ-शिशु स्वास्थ्य रणनीति एवं फील्ड प्रोटोकॉल को प्रशिक्षण दिया।

इन विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में नर्सिंग अधिकारियों को इस तरह से दक्ष किया गया जो भविष्य में गढ़वाल क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में अत्यंत सहायक होंगी। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पहाड़ी क्षेत्रों में मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

इस मौके पर नर्सिंग अधिकारी शालनी, किरन, पूजा, पूनम चौहान मौजूद रहे।

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