हरिद्वार , अप्रैल 07 -- उत्तराखण्ड किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसानों ने बिजली विभाग और तहसील से जुड़ी समस्याओं को लेकर मंगलवार को रुड़की में महापंचायत आयोजित कर जोरदार प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान अधीक्षण अभियंता, विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचे और सरकार व विभागीय नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
सभा के दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम अधीक्षण अभियंता के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बिजली बिलों में सिक्योरिटी के नाम पर की जा रही वसूली को तत्काल बंद करने, कृषि ट्यूबवेलों की बिजली दरें अन्य राज्यों के समान कम करने, स्मार्ट मीटर योजना को वापस लेने, बिजली बिलों पर लगाए गए सरचार्ज को माफ करने और बकाया बिलों के चलते किसानों के कनेक्शन न काटने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
इसके बाद किसानों ने विद्युत विभाग कार्यालय से रुड़की तहसील स्थित ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों के शीघ्र समाधान की चेतावनी दी।
तहसील पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को एक अन्य ज्ञापन सौंपते हुए राजस्व विभाग से जुड़ी समस्याओं को भी उठाया। किसानों ने प्रदेश के सभी स्थायी निवास प्रमाण पत्र धारकों को मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने, इकबालपुर चीनी मिल का बकाया भुगतान तत्काल कराने तथा प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने की मांग रखी।
साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा से जुड़े प्रश्नों को समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि किसान पहले से ही आर्थिक तंगी और बढ़ती लागत से परेशान हैं। ऐसे में बिजली बिलों में अतिरिक्त वसूली, सरचार्ज और कनेक्शन काटने की कार्रवाई किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया तो किसान मोर्चा प्रदेशव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होगा।
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