भोपाल , अप्रैल 2 -- मध्यप्रदेश में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने की दिशा में रीवा संभाग में लगभग 2319.43 करोड़ रुपये की लागत से संचालित समूह जल प्रदाय योजना में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत जल शोधन संयंत्र तक रॉ वाटर पहुंचाया जा चुका है, जिससे परियोजना के आगामी चरणों को गति मिलने की स्थिति बनी है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके के मार्गदर्शन में क्रियान्वित इस योजना के माध्यम से रीवा जिले के 677 और मऊगंज जिले के 936 ग्रामों सहित कुल 1613 गांवों को जोड़ा जा रहा है। योजना के पूर्ण होने पर लगभग 1.29 लाख ग्रामीण परिवारों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे लंबे समय से चली आ रही जल समस्या का समाधान संभव होगा।

अधिकारियों के अनुसार जल शोधन संयंत्र तक कच्चे पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होना परियोजना का महत्वपूर्ण चरण है। इसके बाद जल शोधन और वितरण नेटवर्क के जरिए घर-घर पेयजल पहुंचाने के कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। इस योजना को गुणवत्ता, निरंतरता और दीर्घकालिक उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए क्रियान्वित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर और स्वास्थ्य स्थितियों में सुधार की उम्मीद है।

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