पटना , अक्टूबर 30 -- बिहार की राजधानी पटना की एक विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के जुर्म में गुरूवार को भविष्य निधि कार्यालय के एक पूर्व लिपिक को एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा के साथ 20 हजार रूपये का जुर्माना भी किया।

निगरानी के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम ने मामले में सुनवाई के बाद नालंदा जिले के भविष्य विधि कार्यालय के पूर्व लिपिक विकास कुमार को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को एक माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी ।

आरोप के अनुसार ब्यूरो के अधिकारियों ने पूर्व लिपिक विकास को 21 अप्रैल 2009 को नालंदा में एक महिला स्वास्थ्य कर्मी से उसके सामान्य भविष्य निधि खाते में जमा राशि की निकासी के एवज में 2500 रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए इस मामले में आठ गवाहों का बयान अदालत में कलम बंद करवाया था।

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