जयपुर , अप्रैल 12 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने रिफाइनरी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के बयान पर पलटवार करते हुए सवाल किया है कि जिन्हें रिफाइनरी की एबीसीडी नहीं पता, वे बयानबाजी कर रहे हैं लेकिन रिफाइनरी परियोजना को लगे सेटबैक का जिम्मेदार कौन है।

श्री गहलोत ने रविवार को जयपुर में अपने निवास पर मीडिया से बातचीत में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि वह फिर कहना चाहेंगे कि अब ये गलती कर रहे हैं। रीको में जहां हमने एरिया तय किया, वहां प्लॉट काटेंगे। वहां सड़कें बन रही हैं, बन गई हैं। उन्हें चाहिए कि राजस्थान के लोगों को वहां उद्योग लगाने का अवसर मिले।

उन्होंने कहा कि अगर हमने ध्यान नहीं दिया तो बाहर के लोग, जो अनुभवी हैं और जिनके उद्योग बड़ौदा या अन्य जगहों पर लगे हुए हैं, वे आकर यहां प्लॉट लेंगे और अपनी इकाइयां लगाएंगे। तब हमें केवल टैक्स का फायदा मिलेगा रिफाइनरी का जो टैक्स और रेवेन्यू मिलेगा, उसके अलावा कोई खास फायदा नहीं होगा। जबकि असली फायदा तो तब है जब यहां के लोगों को रोजगार मिले, वे खुद उद्यमी बनें।

श्री गहलोत ने सवाल किया कि चार साल तक वर्ष 2014 से लगाकर 2018 तक रिफाइनरी के काम को बंद रखा, उसके बाद चुनाव के मौके पर देखा कि चुनाव हार न जाएं, तब प्रधानमंत्री को बुलाया और कार्य प्रारंभ करने के नाम पर उनका प्रोग्राम रखा, जबकि शिलान्यास हो चुका था। उन्होंने कहा कि इतना बड़ी परियोजना अगर सात साल देरी से शुरू हो रही है, तो फर्क तो होता है, कहां 37 हज़ार करोड़ और कहां 80 हज़ार करोड़। पैसा तो जनता का ही होता है। तो यह जो नुकसान हुआ है रिफाइनरी को इसका दोष किसका है।

श्री गहलोत ने कहा कि अब इन्होंने जिनको एबीसीडी नहीं मालूम है, उनसे प्रेस कॉन्फ्रेंस करवा रहे हैं रिफाइनरी के बारे में। इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को आगे लाना था ताकि उनको तो मालूम था कि क्या गलती हुई या नहीं हुई। हमारे वक्त में एग्रीमेंट में क्या कमी रही या नहीं रही या उनको गलतफहमी हुई, वो स्पष्ट कर सकती थी।

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