मुंबई , फरवरी 16 -- रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने विदेशी वाणिज्यिक उधारी के संशोधित नियम लागू कर दिये हैं।
केंद्रीय बैंक ने सोमवार को बताया कि इन संशोधनों के माध्यम से विदेशी वाणिज्यिक उधारी के लिए पात्र उधारकर्ताओं और मान्यता प्राप्त ऋणदाताओं की परिभाषाओं का विस्तार किया गया है। साथ ही उधारी की सीमा भी बढ़ाई गयी है। इन उधारियों की औसत मियाद संबंधी प्रतिबंधों में ढील दी गयी है।
नये नियमों में उधार की लागत संबंधी प्रतिबंधों को पूरी तरह हटा लिया गया है। अंतिम उपयोगकर्ता संबंधी प्रतिबंधों की समीक्षा की गयी है और रिपोर्टिंग संबंधी अनिवार्यताओं का सरल बनाया गया है।
आरबीआई ने इन संशोधनों के लिए प्रारूप नियम 03 अक्टूबर 2025 को जारी किये थे। उन पर मिले सुझावों पर विचार के बाद अंतिम नियम जारी किये गये हैं।
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