पतनमथिट्टा , जनवरी 11 -- केरल विधानसभा के अध्यक्ष ए.एन. शमसीर ने रविवार को कहा कि पालक्काड के विधायक राहुल ममकूटथिल की बलात्कार के नये मामले में गिरफ्तारी के बाद, यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो विधानसभा सचिवालय संबंधित संवैधानिक प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही शुरू करने की संभावना पर विचार करेगा।
विधानसभाध्यक्ष ने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से सार्वजनिक विश्वास और नैतिक जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा की जाती है, और इस मामले में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह टिप्पणी एक हाई-प्रोफाइल यौन उत्पीड़न जांच में ममकूटथिल की गिरफ्तारी को लेकर बढ़ती राजनीतिक और जन प्रतिक्रियाओं के बीच आई है।
गिरफ्तारी के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और कई नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कुछ संगठनों ने मांग की कि यदि विधायक दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें सार्वजनिक पद से हटाया जाना चाहिए, यह तर्क देते हुए कि किसी आरोपी विधायक का पद पर बने रहना लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को कमजोर करता है।
पतनमथिट्टा में उस समय तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली, जब पूछताछ के बाद ममकूटथिल को मेडिकल जांच के लिए जनरल अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) और भाजपा की युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के पास विरोध प्रदर्शन किया और विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन पर जनविश्वास से विश्वासघात का आरोप लगाया।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई, जब प्रदर्शनकारियों ने ममकूटथिल को अस्पताल ले जा रहे पुलिस वाहन को रोकने की कोशिश की। इसके बाद किसी भी कानून-व्यवस्था की समस्या से निपटने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
रविवार तड़के पालक्काड के एक निजी होटल से राहुल ममकूटथिल को पुलिस हिरासत में लिया गया। यह उनके खिलाफ दर्ज तीसरा यौन उत्पीड़न मामला है। अपराध शाखा की एक टीम देर रात करीब 12.30 बजे केपीएम रीजेंसी होटल पहुंची और उनके कमरे से उन्हें हिरासत में लिया। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए और कमरे को सील कर दिया, जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए पतनमथिट्टा ले जाया गया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद रविवार सुबह उनकी औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की गई।
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