नयी दिल्ली , नवंबर 05 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने बुधवार को कहा कि राष्ट्र गीत वंदेमातरम के 150 वर्ष पूरे के अवसर पर सात नवंबर को देशभर के प्रमुख 150 स्थानों पर सामूहिक राष्ट्र गान का आयोजन किया जाएगा।
श्री चुघ ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा है कि पार्टी की तरफ से भी इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इन प्रमुख स्थलों में कारगिल से लेकर अंडमान का सेलुलर जेल तक शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर इसे उत्सव के रूप में बनाने का निर्णय लिया था। प्रधानमंत्री ने पूरे देश में हर जगह पर वंदे मातरम् का सामूहिक रूप से गायन होने के लिये आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि सात नवंबर को पूरे देश में 150 वर्ष पूरे होने पर जगह जगह पर सामूहिक वंदे मातरम् के कार्यक्रम केंद्र सरकार की ओर से हो रहे हैं। इसके साथ ही भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने निर्णय लिया है कि भाजपा 7 नवंबर से लेकर 26 नवंबर 'संविधान दिवस' तक वंदे मातरम् गायन के अलग अलग कार्यक्रम करेंगे।
भाजपा नेता ने कहा कि आप सभी को मालूम है कि वंदे मातरम्... जो देश की आजादी का एक ध्येय वाक्य, एक मंत्र के रूप में लाखों क्रांतिकारियों के जीवन और उनके काम में एक उद्घोष के रूप में काम आया। देश के कई स्वतंत्रता सेनानियों ने वंदे मातरम् कहते हुए फांसी के फंदे को चूमा और विदेशी आक्रांता के दमन को भी सहा। वंदे मातरम्, अंग्रेजों से मुक्ति का एक बड़ा मंत्र बनकर उभरा था।
श्री चुघ ने वंदे मातरम् को लेकर कहा कि जो गीत जन-जन और क्रांति का गीत था, जो गीत राष्ट्रभक्ति से प्रेरित था... लेकिन इस महान गीत के साथ कुछ अन्याय भी हुआ। 19 23 में काकीनाडा में कांग्रेस के अधिवेशन में जब ये गीत गाया जा रहा था और जब पंडित विष्णु दिगंबर को वंदे मातरम् गीत गाने के लिए आमंत्रित किया गया तो उस समय कांग्रेस अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद अली ने धार्मिक आधार पर आपत्ति जताई थी और मुस्लिम लीग के नेताओं को खुश करने के लिए 1937 में कांग्रेस कार्य समिति ने इस राष्ट्रीय गीत को अधिकारिक रुप से बदलने का निर्णय लिया था।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित