लखनऊ , अप्रैल 09 -- उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि राष्ट्र के समग्र विकास के लिए विज्ञान और अध्यात्म का संतुलन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मानव बनना जरूरी है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण मानवीय बनना है।

जनभवन में "विश्व णमोकार महामंत्र दिवस" के अवसर पर सामूहिक रूप से णमोकार महामंत्र का जाप कर विश्व शांति, सद्भावना और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन द्वारा किया गया, जिसमें 100 से अधिक देशों में लाखों लोगों ने सहभागिता की। इस मौके पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश "सबका साथ, सबका विकास" के सिद्धांत पर आगे बढ़ रहा है और एकजुट होकर विकास के पथ पर अग्रसर है।

कार्यक्रम में विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया। राज्यपाल ने जनभवन में संचालित जनहितकारी कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि यहां गरीब बच्चों की शिक्षा, गौसेवा और सामाजिक सहायता से जुड़े कई कार्य किए जा रहे हैं।

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि सेवा, करुणा और निःस्वार्थ भाव से ही समाज का सशक्त निर्माण संभव है। वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि णमोकार मंत्र विश्व शांति और मानवता के कल्याण का सार्वभौमिक संदेश देता है। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र कार्यवाहक डॉ. वीरेंद्र जायसवाल सहित जैन समाज के अनेक पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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