भुवनेश्वर , मार्च 05 -- केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को भारत भर के 250 से अधिक प्रमुख और छोटे बंदरगाहों के लिए 'मान्यता प्राप्त सुरक्षा संगठन' (आरएसओ) के रूप में नामित किया गया है।

सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम बल की समुद्री सुरक्षा जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण विस्तार है।

सीआईएसएफ के 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए श्री रंजन ने कहा कि बल सूचना प्रौद्योगिकी, विमानन सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, कॉम्बैट ऑपरेशंस, हथियार और सामरिक प्रतिक्रिया, एंटी-ड्रोन सिस्टम और अग्नि प्रबंधन सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेष विशेषज्ञता हासिल कर रहा है।

उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ अपने प्रशिक्षण ढांचे में बड़े पैमाने पर बदलाव कर रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक नया जवान शुरू से ही युद्ध के लिए तैयार और परिचालन में सक्षम हो। इस संशोधित प्रशिक्षण ढांचे का उद्देश्य कर्मियों को बहुमुखी परिचालन कौशल से लैस करना है, जिससे देश भर की विभिन्न इकाइयों में उनकी निर्बाध तैनाती संभव हो सके।

संगठन की विकास यात्रा में शामिल श्री रंजन ने कहा कि पिछले 57 वर्षों में सीआईएसएफ के आकार और क्षमता दोनों में काफी वृद्धि हुई है। बल में अब दो लाख से अधिक कर्मी शामिल हैं और यह 25 राज्यों तथा पांच केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 361 महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान कर रहा है। इनमें नागरिक विमानन विभाग के 71 हवाई अड्डे, 105 बिजली संयंत्र, 18 परमाणु सुविधाएं और अंतरिक्ष विभाग के 16 संस्थान शामिल हैं।

इसके अलावा सीआईएसएफ वर्तमान में 15 बंदरगाहों, 36 तेल और प्राकृतिक गैस प्रतिष्ठानों, 17 इस्पात संयंत्रों और छह रक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करता है।

बल का विशेष सुरक्षा समूह (एसएसजी) 156 से अधिक नामित सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है, जबकि लगभग 9,700 कर्मियों वाला सीआईएसएफ अग्नि शाखा 23 राज्यों की 114 इकाइयों को विशेष अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवाएं प्रदान करता है।

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