रांची , जनवरी 03 -- झारखंड की राजधानी रांची मेंसड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देश पर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के शुभारंभ अवसर पर आज उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने समाहरणालय परिसर से आज 2025 को सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अभियान का उद्देश्य जिले के नागरिकों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग करने, ओवर स्पीडिंग एवं नशे में वाहन चलाने से बचने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।
इस अवसर पर श्री भजन्त्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएँ जीवन एवं संपत्ति की क्षति का प्रमुख कारण बन रही हैं। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का थीम "सीख से सुरक्षा" है, जिसके तहत हम नागरिकों को यातायात नियमों की शिक्षा देकर दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास करेंगे। जागरूकता रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों, स्कूलों, कॉलेजों एवं बाजारों में भ्रमण कर लोगों को सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित करेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का सख़्ती से पालन करें तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक राँची, राकेश सिंह, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था राँची राजेश्वर नाथ आलोक, जिला परिवहन पदाधिकारी राँची श्री अखिलेश कुमार तथा सड़क सुरक्षा से संबंधित अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक मनाया जा रहा है। इस दौरान जिले में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम जैसे रैली, नुक्कड़ नाटक, सेमिनार, वाहन जांच अभियान एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन, पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम इस अभियान को सफल बनाने में लगी हुई है।
पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक राकेश सिंह ने अपील की कि सड़क सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता से सहयोग की उम्मीद है ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए और जीवन रक्षा हो।
वर्ष 2024 में कुल दुर्घटनाओं की संख्या 746, कुल मौतों की संख्या 550, कुल घायलों की संख्या 465 है।
वर्ष 2025 (नवंबर 2025 तक) में कुल दुर्घटनाओं की संख्या 747, कुल मौतों की संख्या 504, कुल घायलों की संख्या 486 है।
एक जनवरी से 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह-2026 के अन्तर्गत निम्नलिखित कार्यक्रम पूरे रांची जिला के अन्तर्गत आयोजित किए जा रहें हैं।
उनमें से सड़क सुरक्षा से संबंधित "जागरूकता रथ" द्वारा प्रचार-प्रसार (जिला के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में) एलईडी वैन के माध्यम से गांवों एवं शहरों में लोगों को सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी देना।
"सड़क सुरक्षा चौपाल" के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना।
"सावधानी की पाठशाला" के तहत स्कूलों, कॉलेजों में छात्रों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देना।
"रोड़ ऑफ सेफ्टी" के तहत नियम पालन करने वालों का सम्मान और उल्लंघन करने वालों की गॉधीगिरी से समझाना।
"हेल्थ चेकअप कैम्प" का आयोजन करना।
"वाहन चालकों का प्रशिक्षण" कार्यक्रम का आयोजन करना।
"प्रभात फेरी" के माध्यम से लोगों सड़क सुरक्षा के विषय मे जागरूक करना।
"नुक्कड़ नाटक" के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी देना।
"खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन" के माध्यम से गांवों एवं शहरों में लोगों को सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी देना।
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