नागपुर , जनवरी 03 -- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत की युवा पीढ़ी को मैकाले मानसिकता से आजाद करने में अहम भूमिका निभाएगी।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में पेश की गई और इसमें स्कूल, उच्च और तकनीकी शिक्षा में बड़े पैमाने पर सुधारों की रूपरेखा दी गई है। श्री प्रधान ने नागपुर में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह नीति अब लागू होने के अपने छठे वर्ष में प्रवेश कर रही है और देश की शिक्षा प्रणाली में एक मौलिक बदलाव लाने वाली है।

श्री प्रधान ने प्रधानमंत्री का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को शिक्षा की मैकाले प्रणाली से आगे बढ़ना चाहिए और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एक नई, आत्मनिर्भर पीढ़ी को आकार देने में केंद्रीय भूमिका निभाएगी। उन्होंने भारत के जनसांख्यिकीय लाभ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा प्रणाली पर युवाओं और भविष्य की पीढ़ियों को मातृभाषा में सीखने, योग्यता-आधारित शिक्षा और कौशल-उन्मुख पढ़ाई के माध्यम से तैयार करने की जिम्मेदारी है।

केंद्रीय मंत्री ने शिक्षा में समग्र मूल्यांकन, नवाचार और उद्यमिता के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि युवाओं को न केवल नौकरी पाने की बल्कि नौकरी देने की भी इच्छा रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति इसी व्यापक विजन के अनुरूप है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित