दंतेवाड़ा , मार्च 14 -- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में आयोजित वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। यह लोक अदालत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के अंतर्गत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय दंतेवाड़ा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुकमा, बीजापुर तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बचेली के साथ-साथ तीनों राजस्व जिलों दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर के राजस्व न्यायालयों में एक साथ आयोजित की गई।

जिला पीआरओ से आज मिली जानकारी के अनुसार, नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण न्याय सदन के सभा कक्ष में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार आदित्य द्वारा माँ सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर उन्होंने सभी पीठासीन अधिकारियों, न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों को अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रोत्साहित करते हुए शुभकामनाएं दीं।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार आदित्य ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से विवादों का स्थायी समाधान निकालना है। उन्होंने कहा कि इस माध्यम से न केवल लंबित मामलों का निपटारा होता है, बल्कि पक्षकारों के बीच सद्भाव और प्रेम की भावना भी प्रबल होती है। यह प्रणाली जीत-हार के बजाय आपसी समझौते पर केंद्रित है, जिससे वैमनस्यता और शत्रुता समाप्त होती है।

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