दंतेवाड़ा , जनवरी 03 -- राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में परीक्षा की तैयारी कर रहे स्कूली विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेके के मार्गदर्शन में तनाव प्रबंधन विषय पर विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।

इस कड़ी में आज गीदम स्थित कन्या शिक्षा परिसर में छात्राओं के लिए तनाव प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला नोडल अधिकारी डॉ. देश दीपक ने परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों में उत्पन्न होने वाले मानसिक दबाव, चिंता और भय के कारणों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को बताया कि समय प्रबंधन, नियमित अध्ययन, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार से परीक्षा के तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

डॉ. देश दीपक ने छात्राओं को अपनी समस्याओं को मन में दबाने के बजाय अभिभावकों, शिक्षकों या परामर्शदाताओं से खुलकर साझा करने की सलाह दी। उन्होंने सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और ध्यान अभ्यास को मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। साथ ही यह भी कहा कि असफलता से घबराने के बजाय उसे सीख के रूप में स्वीकार करना चाहिए।

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