नयी दिल्ली , जनवरी 25 -- राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को यहां भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में युवा एवं नव मतदाताओं से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने लोकतंत्र में मतदाता की भूमिका, युवाओं की जिम्मेदारी और 2047 के विकसित भारत के संकल्प पर विस्तार से अपने विचार रखे।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज का मतदाता ही कल के भारत का भविष्य लिखता है और उसके दिया गया प्रत्येक वोट देश की प्रगति का आधार बनता है। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मतदाता बनना केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और जवाबदेही का बोध भी कराता है। उन्होंने कहा कि जहां अधिकार होते हैं, वहां कर्तव्य भी जुड़े होते हैं और लोकतंत्र इन्हीं कर्तव्यों के निर्वहन से मजबूत होता है।
श्री नवीन ने निर्वाचन आयोग की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि आज देश में लगभग 95 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं, जो कई देशों की संयुक्त आबादी से भी अधिक है। इतनी विशाल लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पारदर्शी और निष्पक्ष संचालन भारत की चुनावी व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि समय के साथ चुनाव आयोग ने तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक विश्वसनीय बनाया है, जिससे मतदाताओं का विश्वास लगातार बढ़ा है।
उन्होंने चुनाव आयोग के 'माय इंडिया, माय वोट' और 'सिटीजन एट द हार्ट ऑफ इंडियन डेमोक्रेसी' वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्पष्ट करता है कि भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक है। लोकतंत्र केवल संवैधानिक प्रावधानों से नहीं, बल्कि जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों से बनता है।
श्री नवीन ने 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य पर कहा कि जब देश अपनी आज़ादी के सौ वर्ष पूरे करेगा, तब भारत को विकसित राष्ट्र और विश्व गुरु बनाने की जिम्मेदारी आज की युवा पीढ़ी पर होगी। यह लक्ष्य किसी एक व्यक्ति या सरकार के प्रयास से नहीं, बल्कि हर युवा के सामूहिक प्रयास से साकार होगा। उन्होंने युवाओं से 'नेशन फर्स्ट' (राष्ट्र प्रथम) और 'सबका प्रयास' को अपना मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।
श्री नवीन ने कहा कि राजनीतिक विचार और दल अलग हो सकते हैं, लेकिन देश सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह हमारा देश है, हमारी मिट्टी है और हमारा तिरंगा है। 'हम' की भावना ही भारत को एकजुट रखती है। इसके साथ ही उन्होंने 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना का उल्लेख करते हुए भारत की पारिवारिक और सांस्कृतिक विरासत को विश्व के लिए प्रेरणादायी बताया।
श्री नवीन ने राजनीति में भागीदारी पर बोलते हुए कहा कि राजनीति में आना केवल सत्ता के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन के उद्देश्य से होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश सेवा का दायरा राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करके भी राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकता है।
उन्होंने प्रथम बार मतदान करने वाले नव मतदाताओं को शुभकामनाएं देते हुए देश के लोकतांत्रिक भविष्य को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
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