रुद्रप्रयाग , नवंबर 16 -- राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिला सूचना कार्यालय के तत्वाधान में रविवार को पत्रकार गोष्ठी का आयोजन जी.एम.वी.एन रुद्रप्रयाग (रुद्रा कॉम्प्लेक्स) में किया गया।
गोष्ठी का मुख्य विषय- 'बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण'- वर्तमान समय में मीडिया जगत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रासंगिक रहा।
इस अवसर पर जनपद के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों ने गोष्ठी में प्रतिभाग किया। बैठक के दौरान उपस्थित पत्रकारों ने बदलते दौर की पत्रकारिता, सोशल मीडिया के प्रभाव, बढ़ती फेक न्यूज़ की चुनौतियों तथा सूचना सत्यापन की अनिवार्यता पर खुलकर विचार साझा किए।
वरिष्ठ पत्रकार बृजेश भट्ट ने कहा कि बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण अत्यंत गंभीर विषय है। आज के सोशल मीडिया युग में बिना पुष्टि के सूचनाएँ साझा किए जाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे वास्तविक एवं जिम्मेदार पत्रकारों के सामने बड़ी चुनौती उत्पन्न हो रही है। इसी माध्यम से अधिकांश भ्रामक एवं अपुष्ट सूचनाएँ तेज़ी से प्रसारित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्तियों द्वारा केवल सनसनी फैलाने और टीआरपी बढ़ाने के उद्देश्य से बिना खबरों की पुष्टि करें खबरें प्रसारित की जाती हैं, जो समाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाने हेतु कठोर नियम तथा प्रभावी कानूनी प्रावधानों की आवश्यकता है, ताकि प्रेस की सत्यता एवं विश्वसनीयता को सुरक्षित रखा जा सके।
इस अवसर पर जिला सूचना अधिकारी रुद्रप्रयाग वीरेश्वर तोमर ने सभी पत्रकार बंधुओं को राष्ट्रीय प्रेस दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि मीडिया आम जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुँचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। अतः आवश्यक है कि हर जानकारी को सत्यापन की कसौटी पर परखकर ही प्रसारित किया जाए, जिससे प्रेस की विश्वसनीयता और अधिक सुदृढ़ हो सके।
उन्होंने भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोकने, तथ्य-आधारित पत्रकारिता को बढ़ावा देने तथा जनहित में जिम्मेदार रिपोर्टिंग के लिए सभी पत्रकारों से सहयोग एवं जागरूकता की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी पत्रकारों ने प्रेस की गरिमा और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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