जगदलपुर , दिसंबर 06 -- राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत बस्तर जिले के उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए शुक्रवार को एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। राज्य शासन के निर्देश पर कलेक्टर हरिस एस और जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में हुए इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक धरोहर से अवगत कराना था।

जिला पीआरओ ने शनिवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि जिले के सातों विकासखंडों से चयनित पंद्रह-पंद्रह विद्यार्थियों के साथ दो-दो मार्गदर्शक शिक्षक शामिल हुए। इस प्रकार कुल 105 विद्यार्थी और 14 शिक्षक इस अध्ययन यात्रा का हिस्सा बने। शिक्षकों ने पूरे भ्रमण के दौरान मार्गदर्शक की भूमिका निभाई और विद्यार्थियों को प्रत्येक स्थल की विशेषताओं, इतिहास और वैज्ञानिक महत्व को समझाया।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि भ्रमण की शुरुआत बस्तर की पहचान माने जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात से हुई। यहां विद्यार्थियों ने प्राकृतिक संरचनाओं, जल प्रवाह और भूगर्भीय प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद ऐतिहासिक दलपत सागर का अवलोकन किया गया, जहां जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र की उपयोगिता पर चर्चा हुई।

दल ने आगे पुरातत्व संग्रहालय का भ्रमण किया। यहां प्रदर्शित जनजातीय संस्कृति से जुड़े दुर्लभ अवशेषों, प्राचीन उपकरणों और शिल्पकृतियों ने विद्यार्थियों को बस्तर के इतिहास से जोड़ने का कार्य किया। भ्रमण के अंतिम चरण में विद्यार्थियों को जिले के एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन ले जाया गया, जहां उन्होंने परिवहन तंत्र, इंजीनियरिंग संरचनाओं और आधुनिक तकनीक की कार्यप्रणाली को समझा।

राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत आयोजित यह शैक्षणिक यात्रा विद्यार्थियों के लिए सीखने का बहुआयामी अवसर बनी। इतिहास, विज्ञान और स्थानीय ज्ञान के इस समन्वय ने विद्यार्थियों में खोज की भावना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को और मजबूत किया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित