नयी दिल्ली/मुंबई , फरवरी 27 -- आयुष मंत्रालय ने महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के शेगांव में 25 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित राष्ट्रीय आरोग्य मेला 2026 में एक आकर्षक पवेलियन के माध्यम से निवारक, प्रोत्साहक और एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।
पवेलियन में आयुष की विभिन्न चिकित्सा प्रणालियों के साथ-साथ औषधीय पौधों की खेती और मूल्यवर्धन के जरिए ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया।
आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने किसानों , चिकित्सकों और उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि आयुष निवारक स्वास्थ्य देखभाल और ग्रामीण समृद्धि का आधार बनता जा रहा है। उन्होंने मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए अनुशासित दिनचर्या अपनाने और पारंपरिक आयुर्वेदिक घरेलू उपचारों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने "आजी बाई का बटुआ" की अवधारणा का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे ग्राम स्तर पर किफायती स्व-देखभाल मॉडल बताया।
श्री जाधव ने कहा कि संगठित बाजार संपर्क, गुणवत्ता मानकों और संस्थागत समर्थन के माध्यम से भारत औषधीय पौधों के कच्चे माल का विश्वसनीय वैश्विक आपूर्तिकर्ता बन सकता है। एनएमपीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेश कुमार दाधिच ने भी किसानों को केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत उपलब्ध प्रोत्साहनों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आरोग्य मेला 2026 समग्र स्वास्थ्य, ग्रामीण सशक्तिकरण और आयुष प्रणालियों में वैश्विक नेतृत्व के मंत्रालय के दृष्टिकोण को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है।
मेले में नौ आशय पत्रों पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें से एक महत्वपूर्ण समझौता सेवार्पण किसान उत्पादक संगठन और वेलोसे हर्बल्स प्राइवेट लिमिटेड, ग्वालियर के बीच 100 मीट्रिक टन हल्दी की सुनिश्चित खरीद के लिए हुआ।
मंत्रालय के पवेलियन में अनुसंधान परिषदों, राष्ट्रीय संस्थानों और राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एनएमपीबी) की सक्रिय भागीदारी से यहां आयुष प्रणालियों में अनुसंधान उपलब्धियां, शैक्षणिक कार्यक्रम, नैदानिक सेवाएं और जन स्वास्थ्य पहलें प्रदर्शित की गईं। डिजिटल आईईसी सामग्री, आकर्षक प्रस्तुतिकरण (इंटरैक्टिव डिस्प्ले) और औषधीय पौधों पर आधारित प्रदर्शनी ने बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित किया।
मेले में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क परामर्श और औषधि वितरण किया गया। लाइव योग सत्रों और योग चिकित्सा प्रदर्शन में भी उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई। विशेष आयुष आहार खंड में संतुलित और क्षेत्र-विशिष्ट पोषण आधारित आहार पद्धतियों को बढ़ावा दिया गया।
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