नयी दिल्ली , जनवरी 25 -- दक्षिण मध्य रेलवे में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की महानिरीक्षक अरोमा सिंह ठाकुर विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित होंगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेलवे सुरक्षा विशेष बल (आरपीएसएफ) के अधिकारियों और कर्मियों को उनकी समर्पित सेवा, व्यावसायिकता और सुरक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिए राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक (पीएसएम) और मेधावी सेवा पदक (एमएसएम) से सम्मानित करने का निर्णय लिया किया है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि राष्ट्रपति ने एससीआर में आरपीएफ की महानिरीक्षक ठाकुर को उनकी विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित करने का निर्णय लिया है, जबकि 15 अन्य कर्मचारियों को कर्तव्यनिष्ठा और सूझबूझ से भरी बहुमूल्य सेवा के लिए मेधावी सेवा पदक से सम्मानित किये जाएंगे।
विज्ञप्ति के अनुसार रेलवे के जिन कर्मचारियों को मेधावी सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा, उनमें एससीआर के सहायक सुरक्षा आयुक्त उत्तम कुमार बंद्योपाध्याय, रेलवे सुरक्षा विशेष बल के सहायक कमांडेंट कल्याण देओरी, उत्तर रेलवे के निरीक्षक बलवान सिंह, पूर्वी तट रेलवे के निरीक्षक प्रफुल चंद्र पांडा, निरीक्षक, श्री प्रकाश चरण दास, , रेलवे सुरक्षा विशेष बल के निरीक्षक मुकेश कुमार सोम, पूर्वी तट रेलवे के उप निरीक्षक पप्पला श्रीनिवास राव, पश्चिम रेलवे के उप निरीक्षक अनवर हुसैन, एससीआर के उपनिरीक्षक श्रीनिवास रावुला, रेलवे सुरक्षा विशेष बल के उप निरीक्षक शिव लहरी मीना और पूर्वी तट रेलवे के सहायक उप निरीक्षक दिक्कला वेंकट मुरली कृष्णा शामिल हैं। इसके साथ उत्तर रेलवे के उपनिरीक्षक संजीव कुमार, एससीआर के हेड कांस्टेबहल महेश्वर रेड्डी करनाती, दक्षिण रेलवे के हेड कांस्टेबल सी. इयाया भारती, रेलवे सुरक्षा विशेष बल के कांस्टेबल/धोबी, मोहम्मद रफीक, को विशिष्ट सेवा के लिए एमएसएम से सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि पीएसएम विशेष सेवा के लिए दिया जाता है, जबकि एमएसएम कर्तव्यनिष्ठा और सूझबूझ से भरी बहुमूल्य सेवा के लिए दिया जाता है।
ये पुरस्कार वर्ष में दो बार, गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिए जाते हैं, ताकि आरपीएफ/आरपीएसएफ के कर्मचारियों को भारतीय रेलवे की सुरक्षा में उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जा सके।
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