नयी दिल्ली , फरवरी 27 -- तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार सुबह जैसलमेर वायु सेना स्टेशन से स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरकर इतिहास रचा।

प्रचंड देश में ही बनाया गया हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर है।

श्रीमती मुर्मू इससे पहले लड़ाकू विमान राफेल और सुखोई में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति ने हेलीकॉप्टर की कॉकपिट से सलामी भी दी। जब राष्ट्रपति का हेलीकॉप्टर सोनार दुर्ग के पास से गुजरा तो उन्होंने देशवासियों को संदेश दिया, "आज प्रचंड हेलिकॉप्टर में उड़ान भर रही हूं। प्रचंड हेलिकॉप्टर आत्मनिर्भरता का प्रबल प्रतीक है। मैं इस समय जैसलमेर के प्रसिद्ध किले के ऊपर से उड़ान भर रही हूं। मैं देश के वीर सैनिकों को गर्व के साथ धन्यवाद देती हूं। मेरा सभी को प्यार भरा नमस्कार। जय हिंद, जय भारत।"राष्ट्रपति ने पूर्वाह्न 10 बजकर 15 मिनट पर जैसलमेर एयरबेस से प्रचंड में उड़ान भरी। इस उड़ान की विशेष बात यह रही कि उस समय कॉकपिट में पायलट के साथ वह सह पायलट की भूमिका में भी थी। ऐसा करने वाली वह देश की पहली राष्ट्रपति हैं।

वायु सेना आज शाम पाकिस्तान से सटी सीमा पर पोखरण फायरिंग रेंज में वायु शक्ति अभ्यास कर रही है इस अवसर पर श्रीमती मुर्मु भी मौजूद रहेगी।

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