दुमका , दिसम्बर 31 -- झारखंड में दुमका जिला मुख्यालय में अवस्थित डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस,प्लस टू जिला स्कूल, के पूर्व प्रभारी प्राचार्य सह राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त आदर्श शिक्षक डॉ. दिलीप कुमार झा बुधवार को सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो गए।
सरकारी सेवा के अंतिम दिन डॉ. दिलीप कुमार झा ने सरकारी सेवको के लिए एक प्रेरणादायक अनूठी पहल की शुरुआत की। डॉ. झा ने अपने सरकारी सेवा के अन्तिम दिन शहर के प्रमुख चौराहे पर अवस्थित महापुरुषों की प्रतिमा की साफ-सफाई करके पानी से धुलवाए एवं पुनः महापुरुषों के मूर्तियों पर माल्यार्पण किया।
इस मौके पर डॉ. झा ने बताया कि शहर में स्थित सिद्दो कान्हू, बिरसा मुंडा, तिलका माँझी, लौह पुरुष सरदार पटेल, डॉ. भीम राव अम्बेडकर, वीर कुँवर सिंह,विवेकानंद, सुभाषचंद्र बोस एवं जननायक कर्पूरी ठाकुर के मूर्तियों को सफाई कर माल्यार्पण किया। डॉ. झा ने अपने धर्मपत्नी पुष्पलता झा, बेटी लवणी लावण्य, दामाद अमित कुमार झा,विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य महेन्द्र राजहंस, विद्यालय के शिक्षकों एवं मित्रो के साथ विद्यालय में फलदार वृक्ष लगाकर सबको पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
डॉ. झा ने कहा कि आदर्श शिक्षक समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं। अनादिकाल से ही शिक्षकों को समाज का गुरु एवं पथ प्रदर्शक माना गया है। शिक्षक जो भी कार्य करते हैं वह समाज के लिए एक नजीर बन जाता है। उन्होंने कहा कि एक आदर्श शिक्षक समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं। उन्होंने अपने सेवाकाल में शिक्षण कार्य के साथ साथ समाज सेवा को भी जीवन का एक उपासना समझा।
प्रभारी प्राचार्य महेन्द्र राजहंस ने कहा कि डॉ. दिलीप कुमार झा बड़े भाई के रूप में हमेशा हमलोगों का मार्गदर्शन करते थे। उनका हर कार्य हमलोगों के लिए आदर्श एवं प्रेरणादायक होता था। उन्होंने कहा कि दुःख है कि बड़े भाई डॉ. झा हमलोगों को मार्गदर्शक के रूप में पूरा समय नही दे पाएंगे, लेकिन विश्वास है कि समय- समय पर उनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन विद्यालय परिवार को मिलता रहेगा।
उन्होंने कहा कि विगत कई वर्षो से डॉ. झा अपने माता पिता की याद में विद्यालय के बच्चों को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर मैडल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित भी करते रहे। डॉ. झा की अर्धांगिनी पुष्पलता झा ने कहा कि डॉ. झा परिवार के दायित्वों के साथ साथ अपने सेवाकालीन दायित्वों एवं सामाजिक दायित्वों को निष्ठापूर्वक निभाया। श्रीमती झा ने कहा कि कभी कभी तो डॉ. झा पारिवारिक दायित्वों से ज्यादा सेवाकालीन एवं सामाजिक दायित्वों को प्राथमिकता दी।
मौके पर उपस्थित प्रभारी प्राचार्य महेन्द्र राजहंस, डॉ0 झा की अर्धांगिनी पुष्पलता झा, बेटी लवणी लावण्य, दामाद अमित कुमार झा,भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के जिला सचिव विजय कुमार दूबे,शिक्षक अमित कुमार पाण्डेय, स्नेहलता मराण्डी,संजय कुमार सिन्हा, निवास रजक,कृष्णा कुमारी, शिवकान्त त्रिपाठी, जयन्त स्नेही, के अलावे विद्यालय परिवार के ओसामा, एनसीसी कैडेट्स विष्णु मण्डल, यशराज कश्यप,उत्तम कुमार, आयुष कुमार,मिलन मंडल,अभिषेक चन्द्रा ने डॉ0 झा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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