रायपुर , दिसंबर 09 -- छत्तीसगढ़ की प्रख्यात शिल्पकार हीराबाई झरेका बघेल को धातुकला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया।

श्रीमती मुर्मु ने आज राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया।

धातु शिल्पकला को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली हीराबाई की कृतियों ने न सिर्फ प्रदेश बल्कि पूरे देश में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला का गौरव बढ़ाया है। उनकी वर्षों की साधना, मौलिकता और पारंपरिक कौशल की अनूठी अभिव्यक्ति को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस वर्ष उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान देने का निर्णय लिया।

समारोह में वरिष्ठ केंद्रीय अधिकारी, देशभर के शिल्पकार, कला विशेषज्ञ और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। पुरस्कार प्राप्ति के बाद हीराबाई झरेका बघेल ने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपरागत धातुकला को समर्पित है। इस उपलब्धि से प्रदेश के कला जगत और शिल्पकार समुदाय में हर्ष की लहर है।

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