नयी दिल्ली , जनवरी 25 -- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार ने मानवता, साहस और अदम्य हौसले का परिचय देते हुए दूसरों की जान बचाने वाले 30 व्यक्तियों को जीवन रक्षा पदक श्रंखला पुरस्कार-2025 प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार इन पुरस्कारों में 06 सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, 06 उत्तम जीवन रक्षा पदक और 18 जीवन रक्षा पदक शामिल हैं। इनमें से छह पुरस्कार मरणोपरांत प्रदान किए जाएंगे।

सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक पाने वालों में मध्य प्रदेश के मनोहर सिंह चौहान (मरणोपरांत) और श्री राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, तमिलनाडु के श्री पीएस गौरीशंकर राजा (मरणोपरांत), रक्षा मंत्रालय से नायक आशुतोष बिस्वास (मरणोपरांत), दीपक कुमार (मरणोपरांत) और नायब सूबेदार मंजीत (मरणोपरांत) शामिल हैं।

उत्तम जीवन रक्षा पदक के लिए दिल्ली के सुमित यादव, जम्मू-कश्मीर के वसीम अहमद गनी, केरल के मुहम्मद षामिल सी, मिज़ोरम के जोसेफ लालनुनमाविया, रक्षा मंत्रालय के सौम्यरंजन बेहेरा और सिपाही श्वेन्सिनलो सेम्प (मरणोपरांत) को चुना गया है।

जीवन रक्षा पदक पुरस्कार पाने वालों में अंडमान और निकोबार से के. उमर फारूक शामिल हैं। आंध्र प्रदेश से नेटला मधु और पोटलुरी कृष्णनजनेयुलु को यह सम्मान मिला है। जम्मू और कश्मीर के धरन प्रीत सिंह, पवन सिंह और राहुल सैनी को यह सम्मान मिला है। केरल से जयेष टीजे के साथ-साथ मास्टर आकाश केपी, मास्टर हार्षिक मोहन, मास्टर ऋतुनंद सी., मास्टर वैशाख के. और मास्टर यदुनंद सी. को यह पदक दिया गया है। लक्ष्यद्वीप से मोहम्मद बथिशा पीएन, महाराष्ट्र से रुपाली प्रतापराव कदम और मिज़ोरम से मिस लालडिंकीमी भी सम्मानित होने वालों में शामिल हैं। इसके अलावा पंजाब से इंदरजीत सिंह, सीमा सड़क संगठन से कादू राम मीना और रक्षा मंत्रालय से मेजर विश्वदीप सिंह अत्री को भी जीवन रक्षा पदक प्रदान किया जाएगा। इनमें कई ऐसे बच्चे भी हैं जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में असाधारण साहस दिखाया।

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