रायपुर , मार्च 10 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मेकाहारा चौक में भारत के राष्ट्रपति के प्रति कथित अपमान के विरोध में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आज पुतला दहन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति पद की गरिमा बनाए रखने की बात कही और घटना की कड़ी निंदा करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों के सम्मान का संदेश दिया।

कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश ठाकुर, गुंजन प्रजापति, अकबर अली, आशु पोडे़टी, भाजपा अजजा मोर्चा जिलाध्यक्ष रजियंत ध्रुव, पुरन टेकाम, महेश ध्रुव, रवि ध्रुव, वेद सोरी, हरीश ध्रुव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इसी मुद्दे को लेकर भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में विधायक नीलकंठ टेकाम और आदिवासी स्वास्थ्य परम्पराएँ एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने पत्रकारों को संबोधित भी किया । टेकाम ने कहा कि बीते 7 मार्च को पश्चिम बंगाल में आयोजित 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ हुआ व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं का अपमान है। उनका कहना था कि किसी राज्य में राष्ट्रपति के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री या वरिष्ठ मंत्रियों का स्वागत के लिए उपस्थित न होना गंभीर विषय है।

टेकाम ने यह भी कहा कि पहले से तय सिलीगुड़ी के बिधाननगर जैसे स्थल को बदलकर कार्यक्रम को बागडोगरा के गोसाईंनपुर जैसे छोटे और दुर्गम स्थान पर आयोजित करना भी कई सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को खुद मंच से कहना पड़ा कि स्थान बड़ा होता तो अधिक आदिवासी शामिल हो पाते।

टेकाम के अनुसार देश के इतिहास में पहली बार एक आदिवासी महिला राष्ट्रपति के पद पर आसीन हुई हैं और उनका सम्मान पूरे देश का सम्मान है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं आदिवासी समाज और महिलाओं की भावनाओं को आहत करती हैं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

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