देहरादून , दिसंबर 07 -- उत्तराखंड के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने रविवार को पांवटा साहिब गुरुद्वारा पहुंच कर सिख परंपरा के प्रति श्रद्धा रखते हुए सिख वकील को कहे शब्द पर गुरु ग्रंथ साहिब से माफी मांगी और प्रायश्चित स्वरूप जोड़ा घर और लंगर रसोई में निस्वार्थ सेवा की।
कांग्रेस नेता अमरजीत सिंह ने बताया कि श्री रावत ने गुरु साहिब की हाजिरी में अरदास कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है और गुरु साहिब के चरणों में प्रसाद भी अर्पित किया है।
उन्होंने बताया कि बीते शुक्रवार को देहरादून अदालत परिसर में अधिवक्ताओं के धरने का समर्थन करने श्री रावत पहुंचे थे, इसी दौरान उन्होंने अपने संबोधन में सिख अधिवक्ता पर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी कर दी, हालांकि उन्होंने उसी समय माफी भी मांग ली थी।
श्री रावत शुक्रवार को बार काउंसिल कार्यालय पहुंचे थे, वहां उन्होंने सभी अधिवक्ताओं के साथ खुलकर बातचीत करते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मन में सिख समाज के लिए अत्यंत सम्मान है, उन्होंने सिखों की बहादुरी के इतिहास को भी दोहराया।
उन्होंने कि सिख समाज ने हमेशा उत्तराखंड और देश के लिए कठिन से कठिन समय में आगे बढ़कर निष्ठा से सेवा की है। उनकी मंशा किसी की भावना का मजाक उड़ाने या आहत करने की नहीं थी। फिर भी यदि किसी की भावनाएं आहत हुई है तो वह हृदय से क्षमा मांगते हैं। आज हरक सिंह ने गुरु गोविंद सिंह के पावन स्थान पांवटा साहिब गुरुद्वारा मे भूलवश कहे शब्द के लिए प्रायश्चित किया है।
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