रायसेन , अप्रैल 2 -- मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में स्थित बरेली तहसील के छीन्द धाम में भगवान हनुमान के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है। भोपाल-जबलपुर मार्ग पर स्थित यह धाम जिला मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर और राजधानी भोपाल से करीब 130 किलोमीटर दूर है।

यहां वर्षभर देशभर से श्रद्धालुओं का आगमन होता है, जबकि हनुमान जयंती के अवसर पर विशेष भीड़ देखी जाती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां आने से उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष बात यह है कि भक्त यहां पत्र संदेश के माध्यम से भी अपनी मनोकामना प्रकट करते हैं।

मंदिर में चना, गुड़, नारियल और मिठाई का प्रसाद चढ़ाने की परंपरा है। बताया जाता है कि इस मंदिर की स्थापना वर्ष 1965 में स्वर्गीय धन्नुलाल रघुवंशी द्वारा की गई थी। उस समय मूर्ति लगभग एक फीट की थी, जो समय के साथ बढ़कर वर्तमान में करीब पांच फीट ऊंची हो गई है।

मंदिर का इतिहास करीब 500 वर्ष पुराना बताया जाता है, जबकि वर्तमान मंदिर का निर्माण 1965 में हुआ। यहां दक्षिणमुखी हनुमान जी की मूर्ति विराजमान है, जिसे शास्त्रों में सिद्ध माना गया है। मंदिर परिसर में श्रीराम, सीता और लक्ष्मण का दरबार भी स्थापित है।

मान्यता है कि जो श्रद्धालु लगातार पांच मंगलवार या शनिवार को यहां आकर सुबह चार बजे और शाम आठ बजे की आरती में शामिल होते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। श्रद्धालु यहां धन, संतान, स्वास्थ्य और यश की कामना लेकर आते हैं।

मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त यहां भंडारा भी कराते हैं। हर मंगलवार और शनिवार को सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगती है, जबकि अन्य दिनों में भी यहां बड़ी संख्या में दर्शनार्थी पहुंचते हैं।

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