रायबरेली , फरवरी 21 -- उत्तर प्रदेश के लालगंज स्थित आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (एमसीएफ/अरेडिका) में वंदे भारत एक्सप्रेस के प्रोटोटाइप रेक का प्रारंभिक ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

ट्रायल के दौरान रेक को 10 किमी प्रति घंटा की सीमित गति से चलाकर विभिन्न तकनीकी प्रणालियों का परीक्षण किया गया। इनमें ट्रैक्शन, ब्रेक प्रतिक्रिया, पैंटोग्राफ-वीसीबी संचालन, उच्च वोल्टेज प्रणाली तथा पैसेंजर एनाउंसमेंट एवं पब्लिक इंफॉर्मेशन सिस्टम शामिल रहे।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी आर. एन. तिवारी ने शनिवार को बताया कि प्रथम चरण के गति परीक्षण सफल रहे। पैंटोग्राफ-वीसीबी संचालन और उच्च वोल्टेज प्रणाली का परीक्षण ड्राइवर डेस्क यूनिट से किया गया।

लघु ट्रायल रन के दौरान ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) से लिए गए करंट, ट्रैक्शन प्रदर्शन और समग्र प्रणाली के व्यवहार का अवलोकन किया गया। साथ ही ब्रेक सिस्टम की प्रतिक्रिया, प्रकाश व्यवस्था तथा विद्युत क्यूबिकल्स की वैक्यूम और मैग्नेटिक क्लीनिंग की भी जांच की गई, जिससे उच्चतम सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।

निरीक्षण के दौरान एमसीएफ के वरिष्ठ अधिकारी, सीमेंस के प्रतिनिधि तथा अन्य उद्योग सहयोगी मौजूद रहे। 12 फरवरी को हुए पूर्व निरीक्षण में सीमेंस के जर्मन अभियंताओं ने भी तकनीकी परीक्षणों में भागीदारी की थी।

महाप्रबंधक ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों और सहयोगी संस्थानों को सफल ट्रायल के लिए बधाई देते हुए इसे उच्च गति वाली आधुनिक ट्रेनसेट निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

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