रायबरेली , मार्च 22 -- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के महाराजगंज क्षेत्र में युवक की मौत के मामले में औषधि विभाग ने जांच तेज करते हुए एक मेडिकल स्टोर को सील कर दिया है।

औषधि निरीक्षक शिवेंद्र प्रताप सिंह ने रविवार को बताया कि मीडिया में प्रसारित खबर और अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) के निर्देश पर 21 मार्च को पूरे प्रकरण की जांच की गई। थाना चंदापुर क्षेत्र में मृतक दशरथ के मामले में पुलिस से जानकारी ली गई, जहां पोस्टमार्टम में मृत्यु का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है।

जांच के दौरान टीम नया पुरवा स्थित माँ भगवती मेडिकल स्टोर पहुंची, जहां दुकान बंद मिली। मेडिकल स्टोर संचालक और मृतक के भाई जितेंद्र कुमार को बुलाकर पूछताछ की गई।

जांच में सामने आया कि आठ मार्च को फार्मासिस्ट आलोक कुमार की अनुपस्थिति में उनके भाई आदित्य कुमार ने अवैध रूप से मृतक को ग्लूकोज व अन्य इंजेक्शन चढ़ा दिए थे। इसके अगले दिन मृतक के शरीर में सूजन आ गई। हालत बिगड़ने पर 17 मार्च को उसे रतापुर स्थित जेएन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां से सुधार न होने पर 20 मार्च को उच्च संस्थान के लिए रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

औषधि निरीक्षक ने बताया कि मेडिकल स्टोर से संबंधित चार दवाओं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। पुलिस की मौजूदगी में मेडिकल स्टोर को तत्काल प्रभाव से सील कर दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई है। फर्म को नोटिस जारी किया जा रहा है और जवाब मिलने के बाद औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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