राजनांदगांव , जनवरी 24 -- छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव-आदि से अनादि तक में राजनांदगांव जिले का त्रिवेणी संग्रहालय साहित्य प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में 23 से 25 जनवरी 2026 तक आयोजित इस साहित्य उत्सव में किताबनुमा स्वरूप में प्रस्तुत त्रिवेणी संग्रहालय ने देशभर से आए साहित्यकारों, शोधार्थियों और पाठकों का ध्यान आकर्षित किया है।
उल्लेखनीय है कि शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय परिसर, राजनांदगांव में स्थित त्रिवेणी संग्रहालय छत्तीसगढ़ की साहित्यिक धरोहर के रूप में विशिष्ट पहचान रखता है। यह संग्रहालय हिंदी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार गजानन माधव मुक्तिबोध के निवास स्थान में निर्मित है। संग्रहालय तीन खंडों में विभाजित है, जिसमें मुक्तिबोध के साथ-साथ पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी एवं डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र से जुड़ी साहित्यिक स्मृतियों, रचनाओं और दुर्लभ वस्तुओं का संरक्षण किया गया है।
संग्रहालय का उद्देश्य इन तीनों साहित्यकारों की रचनात्मक विरासत, पांडुलिपियों और स्मृतियों का संयुक्त संरक्षण एवं संवर्धन करना है। स्मारक परिसर में वाचनालय, स्वागत कक्ष एवं प्रतीक्षा कक्ष की भी सुविधा उपलब्ध है, जिससे साहित्य अनुरागियों को अध्ययन और विमर्श का अनुकूल वातावरण मिलता है।
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