रायपुर , जनवरी 23 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुक्रवार से पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू हो गई है। इसके साथ ही रायपुर के मौजूदा पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रणाली से पुलिसिंग के आयुक्त प्रणाली में बदल जाएगा। राज्य सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी संजीव शुक्ला को पहला पुलिस आयुक्त नियुक्त किया है।

डॉ. शुक्ला ने आज पदभार भी ग्रहण कर लिया है। जीई रोड स्थित नवनिर्मित पुलिस आयुक्त कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने औपचारिक रूप से कार्यभार संभाला। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

डॉ. शुक्ला का जन्म आठ जनवरी 1967 को हुआ। वे मूलतः वर्ष 1990 में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) के माध्यम से राज्य पुलिस सेवा में चयनित हुए थे और बाद में पदोन्नति के जरिए भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए। उन्होंने राजधानी रायपुर के दुर्गा कॉलेज से एम.कॉम. की शिक्षा प्राप्त की और छात्र जीवन में सक्रिय राजनीति से भी जुड़े रहे। अपने सेवाकाल में उन्होंने दुर्ग जिले में लगभग सात वर्षों तक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।

डॉ. शुक्ला ने दुर्ग जिले में पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में रहते हुए सख्त प्रशासनिक शैली और अपराध नियंत्रण के लिए पहचान बनाई। इसके बाद वे बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के रूप में पदस्थ रहे, जहां उन्होंने कानून-व्यवस्था, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में प्रभावी भूमिका निभाई। इसके अलावा वे अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के वरिष्ठ अधिकारी के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। उत्कृष्ट एवं विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक वर्ष 2010 और 2022 में दो अलग-अलग श्रेणियों में प्रदान किया गया।

नई अधिसूचना के तहत रायपुर नगर पुलिस जिले के अंतर्गत आने वाले 21 थाना क्षेत्रों को पुलिस आयुक्त प्रणाली में शामिल किया गया है। इनमें सिविल लाइन, देवेंद्र नगर, तेलीबांधा, कोतवाली, गंज, मौदहापारा, गोल बाजार, पुरानी बस्ती, डीडी नगर, आमानाका, आजाद चौक, सरस्वती नगर, कबीर नगर, राजेंद्र नगर, मुजगहन, टिकरापारा, उरला (नगर निगम क्षेत्र), खमतराई, गुढ़ियारी, पंडरी और खम्हारडीह शामिल हैं। इन सभी थाना क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था अब सीधे पुलिस आयुक्त के नियंत्रण में होगी।

कमिश्नरेट व्यवस्था के संचालन के लिए कुल 37 वरिष्ठ पद सृजित किए गए हैं। इनमें एक पुलिस आयुक्त, एक अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, पांच पुलिस उपायुक्त, नौ अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और 21 सहायक पुलिस आयुक्त शामिल हैं। इन अधिकारियों को विभिन्न जोनों, अपराध शाखा, यातायात, साइबर सेल, महिला अपराध, इंटेलिजेंस, प्रोटोकॉल, मुख्यालय और कानून-व्यवस्था इकाइयों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

पुलिस आयुक्त को मिले मजिस्ट्रेटी अधिकार नई व्यवस्था के तहत पुलिस आयुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण मजिस्ट्रेटी अधिकार भी प्रदान किए गए हैं। इनमें धारा 144 लागू करना, जुलूस व सार्वजनिक सभाओं की अनुमति या प्रतिबंध, निषेधाज्ञा जारी करना और आपात परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की शक्तियां शामिल हैं। पहले ये अधिकार जिला प्रशासन के पास हुआ करते थे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित