रायपुर , अप्रैल 30 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वस्तु एवं सेवा कर खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के जरिए कर चोरी करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है।

यह जानकारी आज दी गई।

अधिकारियों के अनुसार, मेसर्स सृष्टि कंस्ट्रक्शन नामक फर्म के माध्यम से लगभग 27.80 करोड़ रुपये के संदिग्ध और फर्जी बिलिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना किसी वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति के केवल कागजी दस्तावेजों के आधार पर बिल जारी किए गए।

प्रारंभिक जांच में पाया गया कि इस फर्जीवाड़े के जरिए करीब 17.18 करोड़ रुपये का अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट स्वयं लिया गया, जबकि 10.62 करोड़ रुपये की आईटीसी अन्य संबंधित फर्मों को ट्रांसफर की गई।

इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक रोहन तन्ना को बताया जा रहा है, जिसका पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह वर्ष 2021 में लगभग सात करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के एक अन्य मामले में गिरफ्तार हो चुका है और वर्तमान में जमानत पर था।

डीजीजीआई ने इस कृत्य को केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) अधिनियम, 2017 की धारा 16 का उल्लंघन बताया है। साथ ही, भारी वित्तीय अनियमितता को देखते हुए इसे धारा 132 के तहत संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं फर्मों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। संभावित रूप से आगे और कार्रवाई की जा सकती है।

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