रायपुर , दिसंबर 07 -- ) छत्तीसगढ़ के रायपुर में सूदखोरी, जबरन वसूली एवं अवैध हथियार रखने के मामले में हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर की गिरफ्तारी को लेकर करणी सेना ने रविवार को महापंचायत का आयोजन किया, जिसमें पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई सहित आठ मांगे रखी गयीं।
वहीं, करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत अपनी टीम और तोमर की पत्नी सहित 10 लोगों के साथ इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी पहुंचे। वह उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात करने भी पहुंचे, लेकिन समय नहीं मिलने पर परिसर में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने अन्न-जल त्यागकर अनशन की घोषणा की है।
श्री शेखावत ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के दौरान तोमर के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्होंने रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के विरुद्ध कार्रवाई और संबंधित पुलिस अधिकारियों को पदमुक्त करने की मांग की।
महापंचायत मंच में उन्होंने कहा कि 15 दिन पहले प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि शाम तक मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा और गृहमंत्री के कार्यक्रम स्थल की ओर कूच किया जाएगा।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मुंगेली, बिलासपुर और सिमगा से आ रहे कई बसों और वाहनों को रोक दिया गया। करीब 500 लोगों को नजरबंद किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्पेशल हॉक फोर्स की तैनाती की गयी है।
इस बीच श्री शेखावत ने थाना प्रभारी योगेश कश्यप को निलंबित करने और उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हिरासत के दौरान तोमर की पत्नी के साथ अनुचित व्यवहार किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
करणी सेना का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो यह विवाद और उग्र रूप ले सकता है।
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