रायपुर , मार्च 29 -- छत्तीसगढ़ में रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा नशीले पदार्थों से संबंधित मामलों की विवेचना को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से रविवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में 125 विवेचक अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों ने भाग लेकर एनडीपीएस प्रकरणों की जांच से जुड़ी प्रक्रियात्मक बारीकियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

सर्किट हाउस स्थित कन्वेंशन हॉल में आयोजित इस कार्यशाला का उद्घाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलराम प्रसाद वर्मा और पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज सिन्हा एवं शैलेश शर्मा ने विषय विशेषज्ञ के रूप में अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया।

पुलिस कमिश्नर डॉ. शुक्ला ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा कि एनडीपीएस मामलों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना और साक्ष्य संकलन से दोष सिद्धि दर बढ़ाई जा सकती है, जिससे अवैध नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश वर्मा ने अपने संबोधन में थानों को "प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र" की संज्ञा देते हुए कहा कि अपराध का पंजीकरण ही उसके निराकरण की शुरुआत है। उन्होंने निष्पक्ष और संवेदनशील पुलिसिंग पर जोर दिया।

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