रायगढ़ , दिसंबर 16 -- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध रूप से फ्लाई ऐश राख फेंकने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ट्रांसपोर्टर जल्दबाजी और आर्थिक लाभ के लालच में शासन के नियमों को दरकिनार करते हुए खुलेआम फ्लाई ऐश डंप कर रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी इस पर अब तक ठोस कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे हैं।

ताजा मामला रायगढ़ जिले के सरायपाली क्षेत्र अंतर्गत भूईकुर्री पंचायत के आश्रित गांव बरपाली का है, जहां बर्दीनाला के समीप बड़े पैमाने पर फ्लाई ऐश डंप किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, अवैध डंपिंग के लिए पहले क्षेत्र में मौजूद कई सालों पुराने पेड़ों को काटकर रास्ता बनाया गया, ताकि राख को आसानी से फेंका जा सके।

वर्तमान में यहां डंप की गई फ्लाई ऐश की ऊंचाई करीब 8 फीट तक पहुंच चुकी है। नियमों के अनुसार न तो मिट्टी की भराई की जा रही है और न ही ग्रीन नेट लगाकर आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया गया है। स्थिति यह है कि फ्लाई ऐश बहकर बर्दीनाला में जा रही है, जो आगे चलकर केलो नदी में मिलती है। इससे न केवल जल स्रोत प्रदूषित हो रहा है, बल्कि इसके प्रभाव से रायगढ़ शहर के लोगों के घरों तक प्रदूषित पानी पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।

मामले को लेकर जब पर्यावरण विभाग के अधिकारी अंकुर साहू से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी मिली है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध फ्लाई ऐश डंपिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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