रायपुर, 10 जनवरी 2026 ( वार्ता ) छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि भगवान श्रीराम के नाम का विरोध करना कांग्रेस की सनातन और हिंदू विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।
श्री दीपक ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए 'वीबी-जी राम जी अधिनियम' जैसे जनकल्याणकारी विधेयक के नाम पर आपत्ति जताना कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास भगवान श्रीराम के विरोध से जुड़ा रहा है। पहले कांग्रेस ने श्रीराम लला के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का बहिष्कार किया और अब एक जनहितकारी कानून के नाम में 'राम' शब्द होने पर कुतर्क कर रही है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का नाम चाहे हिंदी में हो, संस्कृत में हो या अंग्रेजी में-हर भाषा में पवित्र और प्रेरणादायक है, और इसका विरोध निंदनीय है।
वीबी-जी राम जी अधिनियम की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने बताया कि इस विधेयक के तहत रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, जो 25 प्रतिशत की वृद्धि है। इसके साथ ही श्रमिकों को उनके कार्य का भुगतान अब सात दिनों के भीतर सीधे बैंक खाते में किया जाएगा। कृषि कार्यों के लिए 60 दिनों की छुट्टी का प्रावधान भी किया गया है, जिसे राज्य सरकारें मौसम और फसल चक्र के अनुसार तय कर सकेंगी।
श्री दीपक ने कहा कि पारदर्शिता और भ्रष्टाचार रोकने के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑनलाइन मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। राज्यांश में किए गए बदलाव से राज्यों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। उन्होंने विपक्ष शासित राज्यों-कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में मनरेगा के क्रियान्वयन पर उठे सवालों का उल्लेख करते हुए कहा कि सोशल ऑडिट में वहां गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं।
कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने देश की 600 से अधिक योजनाओं और संस्थानों का नाम एक ही परिवार के नाम पर रखा हो, उसे 'राम' नाम से आपत्ति करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी पुराने दौर की राजनीति में अटकी हुई है, जबकि देश अब ईवी, हाइब्रिड और ऑटोमैटिक युग में प्रवेश कर चुका है।
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