अमृतसर , दिसंबर 06 -- पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने शनिवार को पत्नी के साथ अमृतसर में सचखंड श्री दरबार साहिब में मत्था टेका।

मीडिया से बात करते हुए श्री कोविंद ने कहा कि दरबार साहिब में माथा टेकते हुए उन्हें अत्यंत आत्मिक शांति और संतोष की अनुभूति हुई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का पद छोड़ने के बाद, दरबार साहिब जाने की इच्छा उनके मन में बहुत समय से थी। उन्होंने कहा, " पिछले तीन सालों से मेरी इच्छा थी कि मैं गुरु साहिब के चरणों में मत्था टेकूं और आज मेरा यह सपना सच हो गया है। मैं दिल से गुरु साहिब का शुक्रिया अदा करता हूं। "उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति रहते हुए भी उनकी इच्छा रहती थी कि उन्हें दरबार साहिब में हाजिरी लगाने का अवसर मिले, और आज यह इच्छा पूर्ण होने पर वह गुरु साहिब के अत्यंत आभारी हैं। उन्होंने एक ही प्रार्थना की, पूरे विश्व का भला करें।

पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि श्री हरिमंदिर साहिब केवल एक धार्मिक स्थान ही नहीं, बल्कि विश्वभर में आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति का केंद्र माना जाता है। गुरु किसी एक व्यक्ति, समुदाय या धर्म के नहीं, बल्कि पूरी मानवता के गुरु हैं।

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