जयपुर , जनवरी 08 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भारतीय संस्कृति में यज्ञ का विशेष महत्वबताते हुए कहा है कि जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज का भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

श्री शर्मा गुरुवार को यहां सीकर रोड़ स्थित नींदड़ में 1008 कुण्डीय हनुमान महायज्ञ और श्रीराम कथा में शामिल हुए और इस अवसर पर यह बात कही। उन्होंने स्वामी रामभद्राचार्य के सानिध्य में सपरिवार मंत्रोच्चार के साथ विश्वकल्याण के लिए हवन में आहूति भी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में 'वसुधैव कुटुम्बकम' की भावना के अनुरूप यज्ञ विधि से कार्य किया जाता है। विश्व कल्याण और राज्य के विकास के लिए स्वामी रामभद्राचार्य का यह यज्ञ अत्यंत महत्वपूर्ण है। यज्ञ के माध्यम से सद्भावनाएं सशक्त होती हैं।

इस मौके स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि यह यज्ञ भारत को सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनाने की कामना से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह यज्ञ देश को अखण्ड, अजय और सशक्त बनाने के साथ सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं को पूरा करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने श्री शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश की समृद्धि और प्रगति की कामना भी की।

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